ना मिला दिल का कदरदान इस ज़माने मे,
यह रिशता टूट गया देखने ओर दिखाने मे,
सोचते हैं एक रोज शमा से पूछें,
मज़ा किस मे है ...जलने मे या जलने मे?
[3:24 AM
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ना मिला दिल का कदरदान इस ज़माने मे,
यह रिशता टूट गया देखने ओर दिखाने मे,
सोचते हैं एक रोज शमा से पूछें,
मज़ा किस मे है ...जलने मे या जलने मे?
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